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त्योहारी सीजन के दौरान शिमला के मिडिल बाजार में खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की टीम द्वारा एक मिठाई की दुकान पर औचक निरीक्षण किया गया
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निरीक्षण के दौरान दुकान में रखे गुलाब जामुन में कॉकरोच और अन्य कीड़े तैरते हुए पाए गए, जिस पर विभाग ने तुरंत कड़ा संज्ञान लिया
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सहायक आयुक्त डॉ. विजया और उनकी टीम ने दूषित व अमानक पाए गए सभी गुलाब जामुन को मौके पर ही नष्ट करवाकर दुकानदार को कड़ी फटकार लगाई
हिमाचल प्रदेश में त्योहारी सीजन के मद्देनजर नवरात्र और दिवाली के उपलक्ष्य पर लोगों को पूरी तरह सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष अभियान चलाया हुआ है। इसी विशेष अभियान के तहत शिमला में शनिवार को खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग ने खाद्य मानकों के गंभीर उल्लंघन पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभागीय टीम ने शहर के व्यस्त मिडिल बाजार क्षेत्र में स्थित एक प्रतिष्ठित मिठाई की दुकान का औचक निरीक्षण किया, जहां मिठाइयों की गुणवत्ता की पोल खुल गई।
निरीक्षण के दौरान दुकान में रखे गए गुलाब जामुन की चाशनी में कॉकरोच और अन्य कीड़े खुलेआम तैरते हुए पाए गए, जिसे देखकर विभागीय अधिकारी भी हैरान रह गए। खाद्य सुरक्षा विभाग की सहायक आयुक्त डॉ. विजया और उनकी टीम ने बिना किसी देरी के दुकान में पड़े इन दूषित व खतरनाक गुलाब जामुन को मौके पर ही पूरी तरह नष्ट करवा दिया। इस घोर लापरवाही और मिलावटखोरी को देखते हुए विभाग की ओर से दुकान संचालक को बेहद कड़ी फटकार लगाई गई है और सख्त चेतावनी दी गई है।
बता दें कि खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन निदेशालय शिमला ने प्रदेश के सभी सहायक आयुक्तों को त्योहारी सीजन के दौरान विशेष निगरानी अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए हैं। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजारों में मिलावटी, दूषित और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके, ताकि त्योहारों के पावन अवसर पर आम जनता के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रहे हैं और संदेह के आधार पर खाद्य पदार्थों के नमूने भी एकत्र कर रहे हैं।



